Dainik Bhaskar (Hindi)

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उदारवादी शिक्षा से ही मजबूत होगा लोकतंत्र

सबको समायोजित करने और सामाजिक व सांस्कृतिक विरोधाभास मिटाने वाले मध्यमार्ग का निर्माण

चुनावों की एक और शृंखला आकर चली गई, अब आम चुनाव की आहट है। किसी सर्जरी की तरह चुनाव नेताओं के दिमाग से सारे विचार निकालकर उनका फोकस आर्थिक व शासन संबंधी सुधारों के कठि न काम को भुलाकर लोकलुभावन कदमों व खैरात बांटने पर केंद्रित कर देते हैं। नतीजों ने दिखाया कि भारतीय स्वभाव से शक्की हैं और अपने नेताओं को बदलने में झिझकते नहीं। 2014 की विशाल निश्चितताओं की जगह अब 2019 के महान संदेह ने ले ली है।

उन लोगों को सम्मा न दीजि ए जो हमसे अलग हैं

अपनी खुली और उल्ला सपूर्ण भारतीय परम्पराओं से सीखकर पुरानी रूढ़ियों से मुक्त होना होगा

लगातार ऊंची वृद्धि दर से ही आएंगे अच्छे दिन

पश्चिम की तर्ज पर हमारे यहां वृद्धि दर पर संदेह जताना ठीक नहीं, इससे हमें बहुत फायदे भी मिले हैं

Take advantage of Walmart to free the farmer

वॉलमार्ट द्वारा फ्लिपकार्ट के अधिग्रहण के शोर में दुनिया की सबसे बड़े वाणिज्यि क सौदे का महत्व लगभग हर किसी से छूट गया। सुर्खियां तो एमेजॉन और वॉलमारट के बीच होने वाले संघर्ष बयां कर रही थीं। न्यूज़ चैनल बेंगलुरू के दो युवाओं की सिड्रैला कथा कहने लगे कि कैसे उन्होंने 140 हजार करोड़ रुपए की कंपनी निर्मित की और कई कर्मचारियों को करोड़पति बना दिया। अर्थशास्त्रियों ने इसमें भारत का युग आते देखा कि चीन की तरह भारत भी अब सबसे शक्ति शाली वैश्विक सप्लाई चेन में शामिल हो जाएगा। निर्यात को बल मिलेगा, नया विदेशी निवेश व रोजगार बढ़ेगा। सौदे पर मिलने वाले कैपिटल गेन्स टैक्स को लेकर विभागों की लार टपक रही होग

स्कूलों को लाइसेंस राज से मुक्त करना होगा

स्कूलों को लाइसेंस राज से मुक्त करना होगा

स्कूल खोलने के लिए अब भी 30 से 45 अनुमतियों की जरूरत होती है, स्वायत्तता से ही आएगी गुणवत्ता

गुस्से के युग में अपनी जीवनशैली को श्रेष्ठ न मानें

संदर्भ... देश के हर वर्ग में बढ़ता रोष व असंतोष और रोजगार बढ़ाने पर पूरा ध्या न केंद्रित करने की जरूरत

कम सरकार, अधिकतम शासन का पहला सबूत

ठंड का यह मौसम हमारे लिए अब तक असंतोष भरा ही रहा है। हम पूरे पश्चिमोत्तर को घेर लाने वाले विषैले स्मॉग, घटती आर्थिक वृद्धि, नौकरियां जाने और जटिल जीएसटी से निपटने में लगे हैं। लेकिन, आखिरकार एक अच्छी खबर आई है। बिज़नेस करने की आसानी के मामले में भारत विश्व बैंक की वैश्विक रैंकिंग में 30 स्था न ऊंचा उठा है। सारे दस मानकों पर सुधार हुआ है। कोई अन्य देश ऐसा नहीं कर सका है। इस रिपोर्ट को आईडीएफसी/नीति आयोग के 3,200 से ज्यादा कंपनियों के एंटरप्राइज सर्वे पर आधारित अध्ययन के साथ पढ़ने से इस भरोसे का ठोस आधार मिलता है कि आखिरकार जमीन पर सांस्थानिक सुधार शुरू हो गए हैं। यह मोदी के

काम ही खुशी है, जॉब देने का वादा पूरा करें

काम ही खुशी है, जॉब देने का वादा पूरा करें

मेरे सारे परिचि तों ने पि छले माह डोकलाम में भारत-चीन गति रोध खत्म होने पर गहरी राहत महसूस की थी। हफ्तों तक हवा में युद्ध के बादल मंडराते रहे, जबकि भारत-चीन को अपने इति हास के इस निर्णा यक मौके पर युद्ध बिल्कु ल नहीं चाहि ए। हम में से कई लोग भूटान के प्रति गहरी कृतज्ञता महसूस कर रहे हैं कि वह भारत के साथ खड़ ा रहा और हम अन्य पड़ोसि यों से भी ऐसे ही रिश्तों की शिद् दत से कामना करते हैं। हाल के वर्षों में भारत को बि जली बेचकर भूटान समृद्ध हुआ है।

निजी स्कूलों की फीस से छेड़छाड़ न करें

संदर्भ... फीस कंट्रोल की बजाय सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता बढ़ाएं और शिक्षा में निवेश को बढ़ावा दें